नवंबर में 12 कंपनियां निवेशकों को देंगी लाभांश, तीन कंपनियां करेंगी स्टॉक स्प्लिट
नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए नवंबर का महीना कमाई के लिहाज से बेहद खास साबित होने वाला है। इस महीने देश की कई दिग्गज और बड़ी कंपनियां अपने शेयरधारकों को भारी-भरकम अंतरिम डिविडेंड (लाभांश) के रूप में बड़ा तोहफा देने जा रही हैं। देश की 12 प्रमुख कंपनियों ने अपने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 5 रुपये से लेकर 75 रुपये तक के तगड़े अंतरिम लाभांश की घोषणा की है, जिसके लिए जरूरी रिकॉर्ड तारीखें भी तय कर दी गई हैं। इसके अलावा, इस महीने के दौरान कई लिस्टेड कंपनियों में स्टॉक स्प्लिट (शेयर विभाजन), शेयर बायबैक और राइट्स इश्यू जैसे महत्वपूर्ण कॉरपोरेट एक्शन भी दिखने वाले हैं, जिससे निवेशकों को अपने शेयर पर एक्स्ट्रा वैल्यू हासिल करने का मौका मिलेगा।
इस महीने घोषित किए गए डिविडेंड में फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सनोफी इंडिया सबसे आगे बनी हुई है। कंपनी अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर 75 रुपये का सबसे बड़ा और बंपर अंतरिम डिविडेंड देने जा रही है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 नवंबर निर्धारित की गई है। आईटी सेक्टर की हैवीवेट कंपनी इंफोसिस भी अपने निवेशकों को प्रति शेयर 26 रुपये का लाभांश देने वाली है और इसकी रिकॉर्ड तारीख 3 नवंबर तय की गई है।
इसी तरह, पर्सनल केयर और एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी कोलगेट पामोलिव 24 रुपये प्रति शेयर और हिंदुस्तान यूनिलीवर 19 रुपये प्रति शेयर का लाभांश बांटने की तैयारी में हैं, जिसमें हिंदुस्तान यूनिलीवर के लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर तय है। सरकारी कंपनियों की बात करें तो कोल इंडिया ने अपने शेयरधारकों के लिए 10.25 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड तारीख 4 नवंबर है। इनके साथ ही सस्केन टेक्नोलॉजीज 12 रुपये, केयर रेटिंग्स 10 रुपये, नवीन फ्लोरीन इंटरनेशनल 8 रुपये और ग्रेविटा इंडिया 7.70 रुपये प्रति शेयर की दर से लाभांश का भुगतान करेंगी।
कॉरपोरेट एक्शन के मोर्चे पर भी इस महीने बाजार में काफी हलचल रहने वाली है, जहां तीन कंपनियां स्टॉक स्प्लिट (अपने शेयरों का विभाजन) करने जा रही हैं। गुजरात नेचुरल रिसोर्सेज के शेयरों की फेस वैल्यू स्टॉक स्प्लिट के बाद 10 रुपये से घटकर 1 रुपये हो जाएगी। इसके लिए 5 नवंबर की तारीख तय की गई है। इसी तरह नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग वर्क्स के शेयरों की फेस वैल्यू 5 रुपये से घट कर 1 रुपये और इंटरआर्च बिल्डिंग सॉल्यूशंस की फेस वैल्यू 10 रुपये से कम होकर 2 रुपये प्रति शेयर रह जाएगी। शेयरों को विभाजित करने का यह कदम बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने और छोटे निवेशकों के लिए शेयरों को किफायती बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, अपनी सरप्लस नकदी का लाभ निवेशकों तक पहुंचाने के लिए एफडीसी और मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज जैसी कंपनियों ने शेयर बायबैक (शेयरों की पुनर्खरीद) की योजना बनाई है। एफडीसी के बायबैक के लिए रिकॉर्ड तारीख 13 नवंबर और मेडी असिस्ट के लिए 20 नवंबर तय की गई है। वहीं दूसरी तरफ, कंपनियों को आगे बढ़ाने और अतिरिक्त पूंजी जुटाने के उद्देश्य से क्रिसेंटिस कैपिटल, सुविधा इन्फोसर्व और कानेल इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां बाजार में अपने राइट्स इश्यू भी लेकर आ रही हैं, जिनकी रिकॉर्ड तारीखें नवंबर के शुरुआती और मध्य सप्ताह के लिए निर्धारित की गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक