टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स की स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। सीवरेज नेटवर्क, वाटर सप्लाई स्कीम्स, पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का काम करने वाली कंपनी टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 212 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 34.43 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 285 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 33.96 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 284 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर उछल कर 334.60 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण इसके भाव में मामूली गिरावट भी आई। दोपहर 12 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 311.45 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह दिन के पहले सत्र के कारोबार के अंत तक कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 99.45 रुपये यानी 46.91 प्रतिशत के फायदे में थे।
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स का 251.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 7 से 11 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 38.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 42.26 (एक्स एंकर) गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 65.06 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 25.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,81,000 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 202 करोड़ रुपये के 95,05,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं, जबकि लगभग 50 करोड़ रुपये के 23,76,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 19.05 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 28.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 43.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 227.30 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 281 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 347 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 80.11 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 87.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली उछाल के साथ 89.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 91.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 119.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 163.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 84.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 112.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 133.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 35.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 49.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 72.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक