वर्से इनोवेशन ने स्पार्कस्टेशन किया लॉन्च, एआई प्लेटफॉर्म की मदद से घर बैठे बना सकेंगे पूरी फिल्म

 


नई दिल्ली, 29 अगस्त (हि.स.)। कंटेंट के क्षेत्र में काम करने वाली प्रौधोगिकी कंपनी वर्से इनोवेशन ने शनिवार को स्पार्कस्टेशन लॉन्च किया। डेलीहंट और जोश की पैरेंट कंपनी वर्से ने एक ऐसा एआई प्लेटफॉर्म पेश किया, जिससे कोई भी व्यक्ति घर बैठे कहानी लिखने से लेकर शूटिंग और एडिटिंग तक पूरी फिल्म तैयार कर सकता है।

वर्से इनोवेशन ने नई दिल्ली स्थित मंडपम में आयोजित फिल्म एक्सपो इंडिया 2026 के दौरान फिल्म निर्माण और प्री-विजुअलाइजेशन को आसान बनाने वाले एआई टूल ‘स्पार्कस्टेशन’ को लॉन्च किया। ये एआई पावर्ड कंटेंट ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसे एक ही प्लेटफॉर्म पर आइडिया और स्क्रिप्टिंग से लेकर एसेट बनाना, एडिटिंग, रेंडरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन तक की प्रोडक्शन प्रोसेस को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।

वर्से इनोवेशन के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उमंग बेदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा यह एक ग्लोबल एआई कंटेंट प्लेटफॉर्म है, जिसे एक ही वर्कफ्लो के जरिए आइडिया और स्क्रिप्टिंग से लेकर फ़ाइनल एडिटिंग, रेंडरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन तक का प्रोडक्शन प्रोसेस पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह एक फिल्ममेकर, ब्रांड या कंटेंट क्रिएटर के लिए एंड-टू-एंड एआई बेस्ड कंटेंट क्रिएशन के लिए प्लेटफॉर्म है। आप ये सोचो कि आपके पास कोई आइडिया हो। आपने वो आइडिया स्क्रिबल करके कागज पर कुछ ड्रॉ कर दिया। उस आइडिया को हम पहले इमेजरी में बनाते हैं। उसके साथ आपको हेल्प करते हैं एक स्टोरी बनाने में। स्टोरी बनाने के बाद आपको हेल्प करते हैं उसका एक स्क्रिप्ट बनाया जाए...।

स्पार्कस्टेशन में कंटेंट बनाने के लगभग हर स्टेप को एक जगह जोड़ा गया है। इसमें आइडिया, स्क्रिप्ट, स्टोरीबोर्ड, कास्टिंग, लोकेशन, कॉस्ट्यूम, अलग-अलग एंगल के शॉट्स, म्यूजिक, डायलॉग, एडिटिंग, कैप्शन, वीडियो रेंडरिंग, विज्ञापन फॉर्मेट और डिस्ट्रीब्यूशन तक शामिल हैं। इसकी खास बात यह है कि स्पार्क स्टेशन किसी एक एआई मॉडल पर निर्भर नहीं है। यह अलग-अलग काम के लिए यह उस एआई मॉडल को चुनता है, जो उस काम के लिए सबसे बेहतर हो।

कंपनी का दावा है कि स्पार्कस्टेशन 60 सेकंड की ब्रांड फिल्म की लागत 90 फीसदी तक कम कर सकता है। जहां, ऐसी फिल्म बनाने में आमतौर पर 10 से 25 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं, वहीं स्पार्कस्टेशन के जरिए लागत कम होकर करीब 50 हजार से 75 हजार रुपये तक आ सकती है। इतना ही नहीं, कई हफ्तों में पूरा होने वाला प्रोडक्शन करीब 24 घंटे में पूरा किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि एआई प्लेटफॉर्म्स की मदद से अब बिना किसी भारी-भरकम बजट या बड़े स्टूडियो के घर बैठे अब पूरी फिल्म बनाना संभव हो चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक ने वीडियो जनरेशन, स्क्रिप्ट राइटिंग, वॉयसओवर और एडिटिंग की प्रक्रिया को इतना ज्यादा आसान बना दिया है, अब कोई भी व्यक्ति अपने आइडिया और कंप्यूटर की मदद से एक पूरी फिल्म तैयार कर सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर