टॉप 10 में शामिल 7 कंपनियों के मार्केट कैप में 1.54 लाख करोड़ की गिरावट, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान
नई दिल्ली, 31 मई (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान हुई खरीद-बिक्री के कारण देश की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में शामिल सात कंपनियों के मार्केट कैप में गिरावट आ गई, जबकि तीन कंपनियों के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हो गई। शीर्ष स्थान पर मौजूद इन दस कंपनियों में से सात के मार्केट कैप में सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के बाद 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आ गई।
इनमें सबसे अधिक नुकसान देश में सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जबकि मार्केट कैप में गिरावट के मामले में दूसरा स्थान एचडीएफसी बैंक ने हासिल किया। दूसरी ओर, टॉप 10 मोस्ट वैल्यूड कंपनियों में शामिल कंपनियों में शेष बची तीन कंपनियों के मार्केट कैप में 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई। मार्केट कैप में बढ़ोतही होने के मामले में लार्सन एंड टूब्रो सबसे आगे रही, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) दूसरे स्थान पर रही।
इस सप्ताह के कारोबार के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस), हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप में 1,54,475.01 करोड़ रुपये की गिरावट आ गई। दूसरी ओर, लार्सन एंड टूब्रो, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मार्केट कैप में 40,402.42 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई।
सोमवार से शुक्रवार के बीच हुए चार दिन के कारोबार के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 46,078.30 करोड़ रुपये घट कर 17,87,039.40 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 33,333.06 करोड़ रुपये फिसल कर 11,46,641.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अलावा भारती एयरटेल का मार्केट कैप 25,408.96 करोड़ रुपये घट कर 11,14,886.53 करोड़ रुपये के स्तर पर, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 22,920.58 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 8,15,480.75 करोड़ रुपये के स्तर पर, हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 13,169.46 करोड़ रुपये घट कर 5,04,210.54 करोड़ रुपये के स्तर पर, बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 7,253.24 करोड़ रुपये की कमजोरी के साथ 5,63,262.33 करोड़ रुपये के स्तर पर और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 6,311.41 करोड़ रुपये कम होकर 9,00,589.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
दूसरी ओर, लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 20,608.43 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 5,60,836.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 13,753.62 करोड़ रुपये की उछाल के साथ 8,89,831.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अलावा, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 6,040.37 करोड़ रुपये उछल कर 5,20,484.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज 17,87,039.40 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के साथ देश की सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (कुल मार्केट कैप 11,46,641.84 करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (कुल मार्केट कैप 11,14,886.53 करोड़ रुपये), आईसीआईसीआई बैंक (कुल मार्केट कैप 9,00,589.91 करोड़ रुपये), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (कुल मार्केट कैप 8,89,831.54 करोड़ रुपये), टीसीएस (कुल मार्केट कैप 8,15,480.75 करोड़ रुपये), बजाज फाइनेंस (कुल मार्केट कैप 5,63,262.33 करोड़ रुपये), लार्सन एंड टूब्रो (कुल मार्केट कैप 5,60,836.64 करोड़ रुपये), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) (कुल मार्केट कैप 5,20,484.06 करोड़ रुपये) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (कुल मार्केट कैप 5,04,210.54 करोड़ रुपये) के नाम सबसे मूल्यवान टॉप 10 कंपनियों के लिस्ट में दूसरे से दसवें स्थान पर बने रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक