शेयर बाजार में आई जबरदस्त गिरावट, जानिए क्या थी इसकी वजह
नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। मंगलवार और बुधवार को जोरदार तेजी दिखाने के बाद घरेलू शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट का शिकार हो गया। पूरे दिन के कारोबार में सेंसेक्स में 1,739 अंक तक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं निफ्टी ने भी 501 अंक से अधिक का गोता लगाया। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के जल्द खत्म होने की उम्मीद कमजोर पड़ने, कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी, रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर नीचे फिसलने, विदेशी निवेशकों की जम कर बिकवाली और शेयर बाजार में हुई मुनाफा वसूली की वजह से शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट का गवाह बना।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की किसी भी सख्ती या नरमी का ईरान पर कोई असर पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ईरान ने न केवल जंग जारी रखने का अपना इरादा दोहराया है, बल्कि अपनी ओर से अमेरिका के सामने ऐसी शर्तें भी रख दी है, जिन्हें मानना अमेरिका के लिए लगभग असंभव है। ऐसी स्थिति में जंग के थमने की बात को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
जंग के जारी रहने की आशंका के कारण ग्लोबल मार्केट में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र के दौरान दो प्रतिशत तक गिर गए थे। यूरोपीय बाजार भी पिछले सत्र के दौरान बड़ी गिरावट का शिकार हुए थे। आज भी शुरुआती कारोबार के दौरान यूरोपीय बाजार में गिरावट का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। एशियाई बाजार में भी आज आमतौर पर दबाव बना रहा। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजार में आई कमजोरी की वजह से भी आज घरेलू शेयर बाजार प्रभावित हुआ।
कमजोर ग्लोबल संकेतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन की वजह से विदेशी निवेशक भी आज अपना पैसा निकालने के लिए लगातार बिकवाली करते रहे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से भी मार्केट सेंटीमेंट्स लगातार बिगड़ते गए, जिसकी वजह से छोटे निवेशकों ने भी बिकवाली कर बाजार से अपना पैसा सुरक्षित निकाल लेने में ही भलाई समझी।
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की कीमत में भी आज तेजी का रुख बना रहा। ब्रेंट क्रूड आज 111.48 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी आज 97.22 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गोता लगाया। कच्चे तेल में आई गिरावट की वजह से भी मार्केट सेंटीमेंट्स पर निगेटिव असर पड़ा।
इसी तरह रुपये की कमजोरी ने भी मार्केट सेंटीमेंट्स को प्रभावित करने का काम किया। रुपया आज ऐतिहासिक गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 94.85 के स्तर तक गिर गया। हालांकि अंत में रुपये की स्थिति में मामूली सुधार भी हुआ, जिसके कारण भारतीय मुद्रा 85 पैसे की कमजोरी के साथ 94.81 रुपये प्रति डॉलर (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुई। इस मामूली सुधार के बावजूद भारतीय मुद्रा की गिरावट में निवेशकों पर दबाव बढ़ाने का ही काम किया।
घरेलू मोर्चे पर बात करें तो मंगलवार और बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई थी। इन दो कारोबारी दिन में ही सेंसेक्स 2,580 अंक से अधिक उछल गया था। इसी तरह निफ्टी ने भी दो दिन में 790 अंक से अधिक की छलांग लगाई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक इन दो दिनों में 3.5 प्रतिशत से अधिक की मजबूती हासिल करने में सफल रहे थे। इस तेजी के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने आज शेयर बाजार में बिकवाली कर मुनाफा कमाया। इस मुनाफा वसूली के कारण भी आज बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
इसी तरह बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) आज 7.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 26.53 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया वीआईएक्स के स्तर में आई तेजी से इस बात का संकेत मिलता है कि बाजार पर निकट भविष्य में बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। इंडिया वीआईएक्स की स्थिति ने भी शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया।
प्रशांत धामी का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया की जंग लंबे समय तक जारी रही, तो इससे भारत जैसे देश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक प्रभावित हो सकती है, जिसका असर घरेलू शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के रूप में नजर आ सकता है। हालांकि अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर सार्थक पहल शुरू हुई, तो दुनिया भर के शेयर बाजार में तेजी का रुख बन सकता है, जिससे भारतीय शेयर बाजार की स्थिति में भी सुधार होने की संभावना बनेगी।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक