साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. ने आईपीओ के लिए सेबी में दाखिल किया डीआरएचपी

 


नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनियों में से एक कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।

सेबी के समक्ष जमा दस्तावेज के मुताबिक साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने पूंजी बाजार नियामक के समक्ष 1 नवंबर को अपना दस्तावेज दाखिल किया। मसौदे (डीआरएचपी) के अनुसार प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। इसके तहत कंपनी की प्रवर्तक कोल इंडिया 66.81 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेगी। इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ स्थित कोल इंडिया की सहायक साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का यह आईपीओ पूरी तरह ओएफएस पर आधारित है, इसलिए इससे मिलने वाली पूरी राशि कोल इंडिया को मिलेगी और एसईसीएल को कोई राशि प्राप्त नहीं होगी। सेबी के समक्ष जमा दस्तावेज के मुताबिक कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 17.62 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया है, जो देश के कुल कोयला उत्पादन का 16.94 प्रतिशत है। यह कोल इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक अनुषंगी कंपनी है और वित्त वर्ष 2025-26 में मूल कंपनी के कुल उत्पादन में इसका योगदान 22.95 प्रतिशत रहा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1985 में स्थापित और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुख्यालय वाली एसईसीएल देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनियों में से एक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर