कतर में यूपीआई विस्तार पर वित्त मंत्री सीतारमण ने की चर्चा, बिजनेस राउंडटेबल को किया संबोधित
नई दिल्ली/दोहा, 29 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी से मुलाकात की और कतर में भारतीय यूपीआई प्रणाली के विस्तार पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने दोहा में कतरी बिजनेसमेन एसोसिएशन (क्यूबीए) की बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित किया।
वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी बयान में कहा कि निर्मला सीतारमण ने एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) 2026 की सालाना बैठक के दौरान कतर के वित्त मंत्री के साथ अलग से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) को अंतिम रूप देने का आग्रह किया।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान दोनों नेताओं ने कतर में भारतीय यूपीआई पेमेंट के विस्तार करने, भारत में 10 अरब डॉलर के कतरी निवेश के वादे को लागू करने, नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड (एनआईआईएफ) के साथ सहयोग; और द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप देने पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने व्यापार, निवेश और टैक्स से जुड़ी निश्चितता के लिए एक मजबूत ढांचे के तौर पर 'दोहरे कराधान से बचाव समझौते' पर भी चर्चा की।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अली बिन अहमद अल कुवारी से से मुलाकात के दौरान एआईआईबी 2026 की सालाना बैठक के लिए किए गए बेहतरीन इंतजामों की तारीफ की। उन्होंने कतर के नेतृत्व के साथ भारत के हालिया संपर्कों को याद किया, जिन्होंने भारत-कतर के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया है।
अली बिन अहमद अल कुवारी ने कतर की सफलता की कहानी का हिस्सा बनने के लिए भारतीय समुदाय का धन्यवाद किया। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार, वित्त और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए और बड़े अवसरों की उम्मीद जताई।
इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. अहमद बिन मोहम्मद अल-सयद से मुलाकात की। डॉ. अहमद बिन मोहम्मद अल-सयद ने 2025 में अपनी भारत यात्रा को गर्मजोशी से याद किया और कहा कि भारत में कई इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर - जैसे बंदरगाह, हवाई अड्डे, हाईवे और बिजली - में निवेश की काफी गुंजाइश है। साथ ही, भारतीय कंपनियों के लिए कतर में खाद्य सुरक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में निवेश के मौके हैं।
वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारत कतर के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को बहुत महत्व देता है। उन्होंने फरवरी 2025 में कतर के अमीर की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने संबंधों में रणनीतिक आयाम जोड़ने के लिए व्यापार और निवेश को अहम आधार बताया।
सीतारमण ने आज कतर के दोहा में कतरी बिजनेसमेन एसोसिएशन (क्यूबीए) की बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित किया। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में भारत की मजबूत स्ट्रक्चरल ग्रोथ की गति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 7.8 फीसदी हो गई और निवेश में 11.9 फीसदी की वृद्धि हुई, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जापान क्रेडिट रेटिंग (जेसीआर) द्वारा भारत की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग को बीबीबी+से बढ़ाकर ए- करने को भी भारत में चल रहे स्ट्रक्चरल सुधारों में भरोसे के तौर पर रेखांकित किया। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत ने वित्त वर्ष 2026 में अब तक का सबसे अधिक 94.53 अरब डॉलर का सालाना ग्रॉस एफडीआई इनफ्लो भी दर्ज किया, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे ज़्यादा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने बातचीत के दौरान दोनों देशों में उभरते आर्थिक अवसरों पर चर्चा की और क्यूबीए -कतर को द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मज़बूत करने के लिए व्यापार और निवेश साझेदारी की सक्रिय रूप से संभावना तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीतारमण ने आज कतर के दोहा में एआईआईबी की 2026 की सालाना बैठक के दौरान एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की प्रेसिडेंट जो जियायी से मुलाकात की। एआईआईबी प्रेसिडेंट ने नई दिल्ली में हाल में ही आयोजित ब्रिक्स नेताओं के सफल शिखर सम्मेलन के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री को बधाई दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर