खान सचिव ने खनिज ब्लॉक की नीलामी और उसके संचालन की प्रगति की समीक्षा की

 




नई दिल्ली, 25 मई (हि.स)। खान मंत्रालय के सचिव पीयूष गोयल ने सोमवार को खनिज ब्लॉक की नीलामी और उनके परिचालन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में नीलाम किए गए ब्लॉकों के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

खान मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि सचिव पीयूष गोयल ने मंत्रालय और श्रेणी-ए खनिज उत्पादक राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देशभर में खनिज ब्लॉकों की नीलामी और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा करने के लिए आयोजित नौवीं मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में खनन क्षेत्र में सुधारों में तेजी लाने, घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ाने और नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के समय पर संचालन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मंत्रालय के मुताबिक समीक्षा बैठक के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला गया कि 2015 में नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2020-21 की अवधि के दौरान कुल 108 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। इसके बाद नीलामी की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच 364 खनिज ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई, जो प्रति वर्ष औसतन लगभग 90 ब्लॉक है।

खान मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में ही रिकॉर्ड 212 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है, जो नीलामी प्रणाली की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्तीय वर्ष में आयोजित खनिज ब्लॉक नीलामियों की सबसे अधिक संख्या है। इस उपलब्धि में 22 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी शामिल है, जो भारत के आर्थिक विकास और स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों को सुरक्षित करने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाती है।

मंत्रालय के मुताबिक बैठक में नीलाम किए गए ब्लॉकों के संचालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह सूचित किया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 28 ग्रीनफील्ड ब्लॉकों और 8 ब्राउनफील्ड ब्लॉकों सहित कुल 36 खनिज ब्लॉक संचालन में लाए गए हैं, जबकि वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2024-25 की पूरी अवधि के दौरान 20 ग्रीनफील्ड और 38 ब्राउनफील्ड ब्लॉकों सहित कुल 58 ब्लॉक संचालन में लाए गए थे।

मंत्रालय ने कहा कि खान सचिव ने वैधानिक स्वीकृतियों में तेजी लाने, खनन कार्यों की शीघ्र शुरुआत सुनिश्चित करने और नीलाम किए गए ब्लॉकों से समय पर उत्पादन प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने और भारत की खनिज सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के विकास के महत्व से भी अवगत कराया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर