तीन कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए सेबी से मिली मंजूरी
नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने तीन कंपनियों को आईपीओ लाने की अनुमति दे दी है। इन तीन कंपनियों में से स्टील के स्ट्रक्चरल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी रेनी स्ट्रिप्स लिमिटेड ने पिछले साल दिसंबर के महीने में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा कराया था। वहीं कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी कृष्णा बिल्डस्पेस और वेटनरी सेक्टर की कंपनी रोडेक फार्मा ने इस साल जनवरी में सेबी के पास डीआरएचपी जमा कराया था।
सेबी ने तीनों कंपनियों के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस का अध्ययन करने के बाद इनके लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। सेबी की ओर से ऑब्जर्वेशन लेटर जारी होने का मतलब कंपनियों को आईपीओ लाने की मंजूरी मिलना होता है। इन तीनों कंपनियों के शेयर मेनबोर्ड सेगमेंट के होंगे। यानी इन तीनों कंपनियों के शेयरों की बीएसई और एनएसई दोनों एक्सचेंज में लिस्टिंग होगी।
रेनी स्ट्रिप्स के डीआरएचपी के मुताबिक कंपनी 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही प्रमोटर्स के पास के 1.02 करोड़ शेयरों को ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी बेचा जाएगा। नए शेयरों की बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल कंपनी लुधियाना में स्कैफोल्डिंग और फॉर्मवर्क सिस्टम तथा इलेक्ट्रिक रेजिस्टेंस वेल्डेड पाइप और ट्यूब बनाने के लिए एक नई यूनिट लगाने में करेगी। इसके अलावा पुराने कर्ज चुकाने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में भी नए शेयरों की बिक्री से हासिल हुए पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसी तरह वेटनरी सेक्टर की कंपनी रोडेक फार्मा की डीआरएचपी के मुताबिक कंपनी का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। यानी इसमें कोई भी नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। कंपनी के प्रमोटर अपने पास के 56.5 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचेंगे। यह कंपनी जानवरों के लिए फीड सप्लीमेंट बनती है। इसके साथ ही जानवरों की दवाएं और फीड सप्लीमेंट्स भी बेचती है। 1997 में स्थापित इस कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में है।
सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी हासिल करने वाली तीसरी कंपनी गुजरात की कंस्ट्रक्शन कंपनी कृष्णा बिल्डस्पेस है। कंपनी की डीआरएचपी के अनुसार आईपीओ में 90 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमोटर्स के पास के नौ लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे जाएंगे। नए शेयरों की बिक्री से मिले पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज का बोझ कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक