बिरला समूह ने दिए बंगाल में निवेश बढ़ाने के संकेत
कोलकाता , 21 सितंबर (हि.स.)।
पश्चिम बंगाल में आदित्य बिरला समूह के निवेश और मौजूदा संयंत्रों के विस्तार को लेकर रविवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और आदित्य बिरला समूह के चेयरपर्सन कुमार मंगलम बिरला के बीच मुलाकात हुई। बैठक के बाद शमिक भट्टाचार्य ने बताया कि बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल में बिरला समूह के निवेश और उसके मौजूदा प्लांट्स के विस्तार को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कुमार मंगलम बिरला ने बंगाल में निवेश बढ़ाने और अपनी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार में रुचि दिखाई है।
शमिक भट्टाचार्य के अनुसार, सरकार बदलने के बाद उन्होंने कुमार मंगलम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं और बिरला समूह को भी बंगाल में अपनी गतिविधियों का विस्तार करना चाहिए। इसके बाद कुमार मंगलम बिरला की ओर से सकारात्मक जवाब मिला और रविवार को दोनों के बीच मुलाकात हुई।
शमिक ने बताया कि बैठक सकारात्मक रही और पश्चिम बंगाल में बिरला समूह के मौजूदा कारोबार तथा संयंत्रों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बिरला परिवार का पश्चिम बंगाल से पुराना संबंध रहा है और कारोबारी गतिविधियों के अलावा सामाजिक एवं संस्थागत स्तर पर भी परिवार की राज्य में मौजूदगी रही है। शमिक ने यह भी कहा कि अतीत में श्रमिक आंदोलन और औद्योगिक परिस्थितियों के कारण आदित्य विक्रम बिरला को अपना कार्यालय मुंबई स्थानांतरित करना पड़ा था, हालांकि बिरला परिवार का बंगाल से जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
शमिक भट्टाचार्य ने बताया कि कुमार मंगलम बिरला के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं बिरला से मुख्यमंत्री से मिलने का आग्रह किया है और बिरला भी मुख्यमंत्री से मुलाकात के इच्छुक हैं। प्रस्तावित बैठक में पश्चिम बंगाल में नए निवेश, मौजूदा उद्योगों के विस्तार और राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
रविवार की मुलाकात के बाद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में निवेश और विस्तार को लेकर आदित्य बिरला समूह की ओर से रुचि दिखाई गई है। अब मुख्यमंत्री के साथ संभावित बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण अगला कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा