वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आरबीआई ने जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.1 फीसदी किया
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बुधवार को फिच, मूडीज, एसएंडपी और विश्व बैंक के बाद अब चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 0.40 फीसदी बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है।
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अक्टूबर की द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति की द्वमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। यह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित 7.8 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर से स्पष्ट है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया है। पहले यह अनुमान 6.7 फीसदी था, जिसे अब बढ़ाकर 7.1 फीसदी कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह आगाह किया कि वैश्विक स्तर पर बने भू-राजनीतिक तनाव से आर्थिक परिदृश्य के लिए जोखिम कायम है।
आरबीआई गनर्वर ने बताया कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1 फीसदी अनुमानित है। इसमें दूसरी तिमाही में 7.2 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.9 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.8 फीसदी की वृद्धि शामिल है। संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए भी जीडपी वृद्धि 7.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक ने भी भारत के सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि अनुमान को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 7.1 फीसदी तक बढ़ाया है। पिछले महीने एडीबी और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर अनुमान को करीब 7 फीसदी तक बढ़ाया था। एसएंडपी और फिच जैसी अन्य वैश्विक रेटिुंग एजेंसियों ने भी ऐसा ही किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर