आरबीआई सरकारी तेल कंपनियों को 12 अक्टूबर से देगा स्पेशल डॉलर विंडो की सुविधा
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदने के लिए डॉलर की जरूरतों को पूरा करने में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों को अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की विशेष मदद मिलेगी। ये सुविधा 12 अक्तूबर से अगले आदेश तक जारी रहेगी।
आरबीआई ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल एवं गैस विपणन कंपनियों (ओएमसी) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) की रोजाना की डॉलर से जुड़ी जरूरत पूरी करने के लिए विशेष विदेशी मुद्रा विंडो खोलने का फैसला किया है। यह सुविधा 12 अक्तूबर 2026 से शुरू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में अनुशासन को मजबूत करने, उचित जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करने और व्यवस्थित एवं पारदर्शी बाजार परिवेश बनाए रखने के लिए कई नियामकीय उपायों की भी घोषणा की। आरबीआई की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब लगातार भू-राजनीतिक और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच रुपये में गिरावट का रुख जारी है। घरेलू मुद्रा शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.71 के स्तर पर बंद हुई थी।
आरबीआई ने कहा कि तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के लिए विशेष डॉलर विंडो की घोषणा की गई है, जिसमें आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की यह सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के तहत केंद्रीय बैंक नामित बैंकों के माध्यम से इन सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों को अमेरिकी डॉलर की बिक्री करेगा। आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी रोकने और रुपये में स्थिरता लाने के लिए कुछ नियामकीय उपाय भी किए हैं। अगर किसी ग्राहक ने विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव का कोई सौदा एक बार रद्द कर दिया तो बैंक उसे दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं देंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर