तेल कंपनियों ने पेट्रोल में '31 फीसदी इथेनॉल' होने के कर्नाटक सरकार के दावे को खारिज किया

 


-इन कंपनियों ने सैंपलिंग प्रक्रिया पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने कर्नाटक सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि राज्य के कुछ खुदरा केंद्रों पर बेचे जाने वाले पेट्रोल में 31 फीसदी तक इथेनॉल था। तेल कंपनियों का कहना है कि यह नतीजे निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत की गई जांच पर आधारित नहीं हैं।

तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने जारी एक संयुक्त बयान में कर्नाटक सरकार के दावे को खारिज कर दिया है। कंपनियों ने कहा कि उन्होंने राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले और विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से जारी की गई एक विज्ञप्ति पर ध्यान दिया है।

कंपनियों ने कहा कि कर्नाटक सहित देशभर में उनके द्वारा सप्लाई किया जाने वाला ई-20 पेट्रोल, इथेनॉल-मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के आईएस17021 मानक के अनुरूप है। इसकी गुणवत्ता की नियमित रूप से कड़ी जांच की जाती है।

तेल कंपनियों का यह स्पष्टीकरण कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता मामले एवं कानूनी माप विज्ञान विभाग के उस दावे के बाद आया है, जिसमें यह कहा गया था कि पेट्रोल पंपों से लिए गए नमूनों में ईथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 प्रतिशत मिश्रण सीमा से काफी अधिक पाई गई। राज्य सरकार ने यह भी आशंका जताई थी कि इससे उपभोक्ताओं को कम माइलेज और वाहनों के रखरखाव पर अधिक खर्च के रूप में आर्थिक नुकसान हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक सरकार ने जारी एक विज्ञप्ति में यह दावा किया था कि कुछ रिटेल आउटलेट्स पर मिलने वाले पेट्रोल में 26 फीसदी से 31 फीसदी तक इथेनॉल मौजूद है। राज्य सरकार ने यह आरोप लगाया है कि तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 फीसदी की सीमा से अधिक मिला रही हैं, जांच में यह मात्रा 31.2 फीसदी तक पाई गई है। राज्य सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर