डेरिवेटिव्स में एनएसई की लीडरशिप और मजबूत हुई, मार्केट शेयर की रफ़्तार बनी रही

 


-एनएसई ने कहा-अप्रैल में एक्सपायरी डे की छुट्टियों की वजह से वॉल्यूम में आई गिरावट

नई दिल्ली/मुंबई, 06 मई (हि.स)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में अपनी लीडरशिप को फिर से साबित किया है। एनएसई की नेतृत्व प्रदर्शन का मूल्यांकन प्रीमियम टर्नओवर के आधार पर किया जाता है, जो एक उद्योग संबंधी मानक पैमाना है और असल आर्थिक गतिविधियों को दिखाता है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने 2026 की पहली तिमाही में साफ तौर पर ऊपर की ओर जाने का रुझान दिखाया है। इसके इंडेक्स ऑप्शंस का मार्केट शेयर जनवरी में 66.7 फीसदी से लगातार बढ़कर मार्च में 72.1 फीसदी हो गया। ये 540 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी है, जो इसके अंदरूनी मज़बूत ग्रोथ की रफ़्तार को दिखाता है। अप्रैल के महीने में जब छुट्टियों की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव था, तब भी एनएसई ने इंडेक्स ऑप्शंस में 62.9 फीसदी और कुल एफएंडओ प्रीमियम टर्नओवर में 86.8 फीसदी का दबदबा वाला शेयर बनाए रखा, जो बाजार में उसकी लगातार लीडरशिप को दिखाता है।

कंपनी ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि मंगलवार को पड़ने वाली मार्केट छुट्टियों की वजह से अप्रैल में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ा। कंपनी के मुताबिक दो अहम हफ्तावार एक्सपायरी सेशन, जो ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसमें मंगलवार को छुट्टियों की वजह से नहीं हो पाए, क्योंकि मंगलवार को एनएसई के मुख्य निफ्टी कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होती है। इसके उलट गुरुवार को एक्सपायर होने वाले प्रतिद्वंद्वी कॉन्ट्रैक्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ा, जिससे रिपोर्ट की गई गतिविधि में कुछ समय के लिए असंतुलन पैदा हो गया, इसमें बड़ा रुझान बाजार की स्थिति में सुधार और मज़बूती का संकेत देता है।

नोशनल गणनाएं इंडेक्स की ऊंची कीमतों की वजह से प्रतिद्वंद्वियों के शेयर को कृत्रिम रूप से बढ़ा देती हैं, जिससे 19 फीसदी पॉइंट्स तक का अंतर आ जाता है। इसके विपरीत, प्रीमियम टर्नओवर वैश्विक बेहतरीन तरीकों के अनुरूप है और सेबी जैसे रेगुलेटरों और संस्थागत निवेशकों द्वारा इसका उपयोग किया जाता है।

एक्सचेंज के मुताबिक एनएसई की लीडरशिप की स्थिति साफ बनी हुई है और इसकी बाजार स्थिति मजबूत है, विकास की रफ़्तार बरकरार है, और उतार-चढ़ाव ज़्यादातर तकनीकी है। एक्सचेंज भारत के डेरिवेटिव्स बाजार पर अपना दबदबा बनाए हुए है, जिसे गहरी लिक्विडिटी, संस्थागत विश्वास और संरचनात्मक रूप से मज़बूत पैमानों का समर्थन प्राप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर