अगले सप्ताह लॉन्च हो सकता है एनएसई का आईपीओ, शुरुआती शेयरधारकों को ओएफएस से होगी बंपर कमाई

 


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ को मार्केट रेगुलेटर सेबी की ओर हरी झंडी मिलने के बाद अब इससे संबंधित कई महत्वपूर्ण विवरण भी जारी कर दिए गए हैं। एनएसई का यह पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिए जारी हो रहा है। मतलब इस आईपीओ में एनएसई की ओर से कोई नया शेयर जारी नहीं हो रहा है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज के शुरुआती शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचने वाले हैं। माना जा रहा है कि हिस्सेदारी बेचने पर एनएसई के शुरुआती शेयरधारकों को काफी मुनाफा हो सकता है, क्योंकि इन कंपनियों ने शुरुआती दौर में एक्सचेंज से काफी कम कीमत पर शेयर खरीदे थे।

इस संबंध में उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार देश में सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) इस आईपीओ में सबसे बड़ा लिस्टेड सेलिंग शेयर धारक बनने वाला है। एसबीआई इस आईपीओ के जरिए अपने 2.47 करोड़ शेयर बेचने वाला है। इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा अपने पास मौजूद एनएसई के शेयरों में से 1.10 करोड़ शेयरों की बिक्री करने वाला है। इसके अलावा सरकारी री-इंश्योरेंस कंपनी जीआईसी-री भी अपने पास मौजूद एनएसई के 1.10 करोड़ शेयरों की बिक्री करने वाली है। न्यू इंडिया एश्योरेंस अपने पास मौजूद एनएसई के 1.05 करोड़ शेयर इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचने वाला है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अपने करीब 30,000 करोड़ रुपये के इश्यू साइज वाले आईपीओ के जरिए कुल 14.89 करोड़ शेयर जारी करने वाला है। ये इश्यू 15 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल सकता है, जबकि 24 या 25 सितंबर को बीएसई पर इसकी लिस्टिंग हो सकती है। माना जा रहा है कि एनएसई का ये इश्यू देश में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू हो सकता है। इसके पहले ह्युंडई मोटर इंडिया ने दो साल पहले 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्च किया था।

एनएसई की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 8,305.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12,187.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ थोड़ा कम होकर 10,302.06 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान एनएसई की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 16,352.06 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 19,176.83 करोड़ रुपये और 2025-26 में थोड़ा फिसल कर 18,713.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

एनएसई के रिजर्व और सरप्लस में इस अवधि को दौरान लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 23,924.91 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 30,105.83 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में बढ़ कर 31,866.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में एनएसई का नेटवर्थ 23,833.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 30,165.05 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 31,869.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह एनएसई का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 9,869.81 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 12,646.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में एनएसई का ईबीआईटीडीए घट कर 11,097.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक