एनएसई ने आईपीओ लाने के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किया डीआरएचपी

 




नई दिल्ली/मंबई, 17 जून (हि.स)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए फंड जुटाने के लिए बुधवार को पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष अपना ड्राफ़्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।

सेबी के समक्ष जमा मसौदा दस्तावेज के मुताबिक एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। एनएसई के करीब 30,000 करोड़ रुपये के आकार वाला ये आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों की बिक्री पेशकश पर आधारित है, , जिसमें मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे।

इस निर्गम के जरिए शेयरधारक सामूहिक रूप से एनएसई में अपनी करीब छह फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ अक्टूबर 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के निर्गम के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। इसमें प्रमुख हिस्सेदारी विक्रेताओं में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) शामिल है, जो अपना 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा।

इसके अलावा अन्य प्रमुख विक्रेताओं में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (1.19 करोड़ शेयर), अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लिमिटेड (1.12 करोड़ शेयर), बैंक ऑफ बड़ौदा (1.10 करोड़ शेयर) और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (1.09 करोड़ शेयर) शामिल हैं। हालांकि एनएसई में सबसे अधिक 10.72 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) इस निर्गम में कोई शेयर नहीं बेचेगी।

एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। यह मंजूरी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद दी गई थी। आईपीओ की तैयारी के तहत एनएसई ने 20 मर्चेंट बैंकर के अलावा कानूनी सलाहकारों और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की है। एनएसई ने पहली बार 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी।

उल्लेखनीय है कि गैर-सूचीबद्ध बाजार में एनएसई का मूल्यांकन पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है। एक्सचेंज के करीब 1.8 लाख शेयरधारक हैं। गैर-सूचीबद्ध बाजार में मूल्यांकन के आधार पर इस आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर