भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर वार्ता का अगला दौर 5 अक्टूबर से
नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वार्ता का अगला दौर पांच अक्टूबर से शुरू होगा।
गोयल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अगले 90 दिन भारत और कनाडा संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अवधि होने जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) वार्ता का चौथा दौर 18 सितंबर को नई दिल्ली में संपन्न हुआ। दोनों देश इस साल के अंत तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, जिसके चलते वार्ता की गति तेज की गई है।
गोयल ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इसी के तहत हमारा दल 5 अक्टूबर को पांचवें दौर की वार्ता के लिए जाएगा।’’ कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू पिछले सप्ताह गोयल के साथ बातचीत के लिए मुंबई आए थे।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते के बारे में गोयल ने कहा कि इसके आने वाले महीनों में लागू होने की उम्मीद है। यूरोपीय संसद अगले लगभग तीन महीनों में समझौते का अनुमोदन कर सकती है और इसके बाद अगले 6-सात महीनों में यह लागू हो सकता है।
भारत और चिली व्यापार समझौते के बारे में गोयल ने कहा कि वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल में चिली का दौरा कर बातचीत की प्रगति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में भी हमें कुछ अच्छी खबर सुनने को मिलेगी।’’
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए विजय दशमी के मौके पर 20 अक्टूबर 2026 को लागू होगा। गोयल ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए समृद्धि और आपसी फायदे को लेकर आएगा।
उल्लेखनीय है कि भारत से कनाडा को होने वाले प्रमुख निर्यात में लौह एवं इस्पात, दवाएं, समुद्री उत्पाद, सूती परिधान, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रसायन शामिल हैं। वहीं, कनाडा से भारत मुख्य रूप से दालें, मोती और कोयला, उर्वरक, कागज और कच्चे तेल का आयात करता है। भारत के कनाडा को सेवा निर्यात में दूरसंचार, कंप्यूटर एवं सूचना सेवाओं तथा अन्य कारोबारी सेवाओं की प्रमुख हिस्सेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर