सब्सक्रिप्शन के लिए खुला वर्मोरा ग्रैनिटो का पब्लिक इश्यू, 29 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। सिरेमिक और विट्रिफाइड टाइल्स, बाथवेयर और सैनिटरीवेयर का निर्माण करने वाली कंपनी वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड का 708.02 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 24 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 25 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 28 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 29 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद शाम 3:30 बजे तक यह आईपीओ 10 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 140 रुपये से लेकर 148 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 101 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम-से-कम एक लॉट यानी 10 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,948 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,324 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,313 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,78,39,255 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 2,16,21,621 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग 388 करोड़ रुपये के 2,62,17,634 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार-चढ़ाव होने के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 44.94 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 30.77 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 55.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,472.58 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,492.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,562.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 412.89 रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 505.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 357.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 678.59 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 722.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 796.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 630.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछाल के साथ 691.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 765.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 150.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 198.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 221.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक