वैभव व्यापार का आईपीओ लॉन्च, 21 अक्टूबर को हो सकती है लॉन्चिंग

 


नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। वेतनभोगी और स्व-रोजगार वाले ग्राहकों, विशेष रूप से पहली बार लोन लेने वाले और कम आय वर्ग के लोगों को लोनफ्रंट प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल लोन सर्विस देने वाली फिनटेक कंपनी वैभव व्यापार लिमिटेड का 42.10 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।

इस आईपीओ में निवेशक 15 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 19 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन दोपहर 1:45 बजे तक ये आईपीओ सिर्फ आठ प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 51 रुपये से लेकर 54 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। खुदरा निवेशकों (रिटेल इन्वनेस्टर्स) को इस आईपीओ में के लिए कम से कम 2 लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, जिसके लिए उन्हें न्यूनतम 2,16,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 77.96 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) का हिस्सा शामिल नहीं है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.88 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.05 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इनमें ही थोड़ी थोड़ी कटौती करके मार्केट मेकर को पांच प्रतिशत शेयर दिए जाएंगे। इस पूरे इश्यू के लिए गेटफाइव एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। प्रभात फाइनेंशिय सर्विसेज लिमिटेड कंपन का मार्केट मेकर है।

वैभव व्यापार लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 45 लाख रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1.48 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में और उछल कर 1.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी को 3.01 करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 25.46 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा घट कर 25.34 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 37.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की इसी अवधि यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी को 18.15 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 26.76 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 22.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो व्यवसाय बढ़ने के साथ कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ फिर बढ़ कर 46.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीनों यानी 31 जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ कम होकर 37.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 21.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 23.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा और 2025-26 में मामूली गिरावट के साथ 21.14 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहले चार महीने की अवधि यानी 31 जुलाई 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भारी उछाल के साथ 37.00 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 25.74 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 27.22 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 29.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की 31 जुलाई 2026 तक की अवधि में कंपनी का कुल नेटवर्थ 47.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

इसी तरह, कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) भी 2023-24 में 5.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 7.07 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 10.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की 31 जुलाई 2026 तक की अवधि में कंपनी का ईबीआईटीडीए 7.51 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक