प्राइमरी मार्केट में लॉन्च हुआ सनशाइन पिक्चर्स का आईपीओ, 20 अगस्त तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 18 अगस्त (हि.स.)। द केरल स्टोरी, कमांडो, फोर्स जैसी फिल्में प्रोड्यूस कर चुकी प्रोडक्शन कंपनी सनशाइन पिक्चर्स का 282.14 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 20 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 21 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 24 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 25 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन इस आईपीओ को 4.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 342 रुपये से लेकर 360 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 41 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 41 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,760 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,91,880 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 533 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 73,37,191 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 173 करोड़ रुपये के 48,00,034 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 109 करोड़ रुपये के 30,37,157 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
सनशाइन पिक्चर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 53.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 34.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ मामूली उछाल के साथ 40.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 139.46 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 105.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 76.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार कम होता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 16.67 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 11.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 9.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 70.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 78.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 118.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 70.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 105.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 145.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 73.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 50.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए मामूली बढ़ोतरी के साथ 58.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक