सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स का पब्लिक इश्यू लॉन्च, 5 अक्टूबर तक लगा सकते हैं बोली

 


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑडियो-विजुअल और होम ऑटोमेशन सॉल्यूशन के काम से जुड़ी कंपनी सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का 21.78 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 5 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 6 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 7 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 8 अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 55 रुपये प्रति शेयर का फिक्स्ड प्राइस तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,20,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 39,60,000 नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

सॉल्फेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.13 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.84 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 21.28 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 22.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 6.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 12.30 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 24.83 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 30.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2.74 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 5.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 11.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 4 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक