सब्सक्रिप्शन के लिए खुला श्री बालाजी माला टेक्सटाइल का आईपीओ, 29 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। माला साड़ी ब्रांड की साड़ियों की निर्माता कंपनी श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल लिमिटेड का 18.90 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 24 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 27 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 28 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 29 जुलाई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर 12:30 बजे तक ये आईपीओ 1.30 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 66 रुपये से लेकर 70 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,80,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.19 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.33 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.04 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.46 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.85 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 195.89 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 202-25 में घट कर 193.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 212.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 51.37 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 48.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 69.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 21.65 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 27.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 15.98 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.93 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 20.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 10.23 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 13.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.50 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक