डेनिम फैब्रिक बनाने वाली कंपनी के आईपीओ को निवेशकों का फीका रिस्पॉन्स, पहले दिन मिला सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्रिप्शन

 


नई दिल्ली, 10 सितंबर (हि.स.)। डेनिम फैब्रिक का उत्पादन और थोक वितरण का काम करने वाली कंपनी पंचत्व भारत लिमिटेड का 24.58 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 15 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 16 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 17 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 18 सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 140 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,80,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 17.56 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.49 प्रतिशत हिस्सा हिस्सा रिजर्व है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए मार्क कॉरपोरेट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं गिरिराज स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

पंचत्व भारत की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 39.31 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 56.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 7.66 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 14.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 3.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 12.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 6.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक