मॉपशॉप डिस्ट्रिब्यूशन का आईपीओ खुला, पहले दिन ही मिला 78 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन
नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाई (एफएमएस) सेक्टर में काम करने वाली कंपनी मॉपशॉप डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड का 27.26 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में निवेशक 21 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 26 अगस्त को बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन इस आईपीओ को 78 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 138 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,76,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 19.75 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग पांच करोड़ रुपये के 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं, जबकि लगभग 22 करोड़ रुपये के 16 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए खंडवाला सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि कैमियो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
मॉपशॉप डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 81 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 3.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 30.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 37.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.92 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 5.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 2.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 6.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 2.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 2.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए कम होकर 1.39 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक