सब्सक्रिप्शन के लिए खुला मेहुल टेलिकॉम का आईपीओ, 24 अप्रैल को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। टेलिकॉम सेक्टर में काम करने वाली कंपनी मेहुल टेलिकॉम लिमिटेड का 88.02 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 21 अप्रैल तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 22 अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 23 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 24 अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर बारह बजे तक कंपनी का आईपीओ 58 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 98 रुपये से लेकर 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। मेहुल टेलिकॉम के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,35,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28,29,600 शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.91 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.08 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए कम्युलेटिव कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं, निकुंज स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
मेहुल टेलिकॉम लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को एक लाख रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इसके अगले साल 2024-25 में कंपनी फायदे में आ गई। इस साल कंपनी को 5.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 7.07 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी। लेकिन वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पर सात लाख रुपये का कर्ज हो गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर 3.72 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लद चुका है।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये नौ लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 17.10 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 24.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 8.02 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 9.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक