सब्सक्रिप्शन के लिए खुला मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस का आईपीओ, 17 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 09 सितंबर (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी बैंकिंग और स्मार्ट कार्ड निर्माता कंपनियों में से एक मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड का 805 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 11 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 15 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 16 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद शाम तीन बजे तक यह आईपीओ 13 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 322 रुपये से लेकर 339 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 44 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 44 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,916 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,908 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 572 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,37,46,313 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 94,39,528 नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि लगभग 485 करोड़ रुपये के 1,43,06,785 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 752 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 249.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 282.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ फिसल कर 253.46 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,267.97 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,277.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति उछल कर 1,356.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का लगभग खत्म होने की स्थिति में आ गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 449.47 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 472.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ काफी कम होकर 42 लाख रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 48.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 262.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 747.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 405.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 619.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 1,107.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

अगर कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2023-24 में ये 355.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 408.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 455.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक