सब्सक्रिप्शन के लिए खुला सीएमपीडीआई का आईपीओ, 30 मार्च को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स.)। कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) लिमिटेड का 1,842.12 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 24 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 25 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 163 रुपये से लेकर 172 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 80 शेयर का है। सीएमपीडीआई ने अपने कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर आठ रुपये के डिस्काउंट का भी ऐलान किया है। सीएमपीडीआई के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 80 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 13,760 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,640 रुपये के निवेश से अधिकतम 14 लॉट में 1,120 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 10.71 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 22.83 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 39.93 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 17.11 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के पुराने शेयर होल्डर्स के लिए 13.42 प्रतिशत और कंपनी के कर्मचारियों के लिए 6.71 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 296.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 503.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 666.91 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 425.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,398.78 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,770.18 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,177.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 1,543.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 1,074.85 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,448.81 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,899.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 2,010.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1,217.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1,591.61 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,041.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 2,153.78 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 395.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 764.44 करोड़ रुपये और 2024-25 में 915.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 593.85 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक