जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स के पब्लिक इश्यू कल होंगे लॉन्च, 3 नवंबर तक लगा सकेंगे बोली
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। इलेक्ट्रिकल केबल्स और वायर का उत्पादन करने वाली कंपनी जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का 56.02 करोड़ रुपये का आईपीओ कल यानी 30 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च किया जाएगा। यह कंपनी जॉनसन ब्रांड के तहत 1.1 केवी तक के लो-वोल्टेज वायर्स और केबल्स का उत्पादन करती है। इसके उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशंस में होता है। कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 3 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 4 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 5 नवंबर को सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 6 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 190 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,40000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28.01 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं है।
इस आईपीओ में कुल नेट ऑफर का 49.86 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.09 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए आईएसके एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
इस आईपीओ से जुटाई गई रकम में से 8.46 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के विस्तार के लिए अतिरिक्त फैक्ट्री शेड के निर्माण में किया जाएगा। इसके अलावा 9.90 करोड़ रुपये का उपयोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए होगा, जबकि 8.50 करोड़ रुपये का निवेश पेपर इंसुलेटेड कॉपर तथा एल्युमीनियम कंडक्टर्स के निर्माण के लिए नई मशीनरी खरीदने पर किया जाएगा। 3.23 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की खरीद और स्थापना के लिए किया जाएगा। इसके अतिरक्त 14 करोड़ रुपये कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवंटित होंगे। इसके बाद शेष बची राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च होगी।
जॉनसनकैब इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान लगातार मजबूती बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.46 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 146 प्रतिशत की और दमदार बढ़त के साथ 13.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी 31 अगस्त तक ही कंपनी को 8.63 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 88.95 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 140 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 51 प्रतिशत की शानदार छलांग के साथ 211.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों यानी 31 अगस्त तक कंपनी को 113.33 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
कंपनी के विस्तार के साथ-साथ इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का कुल कर्ज (टोटल बॉरोइंग) 32.81 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 41.79 करोड़ रुपये हो गया और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 79.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का कुल कर्ज 77.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में इस दौरान लगातार मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 48.44 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64.28 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में मजबूत होकर 126.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी की कुल संपत्ति 132.07 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 11.24 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 23.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक यह और बढ़ कर 32.31 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 8.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 14.24 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और मजबूत होकर 31.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का नेटवर्थ 40.08 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 5.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 12.14 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में छलांग लगा कर 24.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 15.32 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक