सब्सक्रिप्शन के लिए खुला जिवियल इंडस्ट्रीज का आईपीओ, एक जुलाई को लिस्टिंग संभव

 


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। अल्युमिनियम और स्टेनलेस स्टील की रेलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चरल मटेरियल्स तैयार करने वाली कंपनी जिवियल इंडस्ट्रीज का 31.99 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 जून तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 29 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 30 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर एक जुलाई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज पहले दिन इस आईपीओ को सिर्फ 7 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 196 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,35,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 16.32 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 25 करोड़ रुपये के 12.78 लाख नए शेयर और लगभग पांच करोड़ रुपये के 2,72,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा 81,600 नए शेयर मार्केट मेकर के लिए रिजर्व रखे गए हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.50 प्रतिशत हिस्सा हिस्सा रिजर्व है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.70 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए पांच प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए कॉरपोरेट मेकर्स कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं सनफ्लावर ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

जिवियल इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.41 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 2.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 8.40 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 11.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 12.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी को 12.20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 18 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 44 लाख रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 38 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 1.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.75 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 8.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 तक ये 11.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.44 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 तक ये 8.35 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.08 करोड़ रुपये और 2024-25 में 3.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 तक ये 3.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक