हाईटेक इंजीनियर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च, आधे घंटे में ही हुआ फुली सब्सक्राइब
नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। हाइड्रोलिक फिटिंग्स और प्रिसीजन इंजीनियरिंग के काम से जुड़ी हाईटेक इंजीनियर्स का 135.73 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 27 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 31 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर एक सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले आधे घंटे में ही ये आईपीओ फुली सब्सक्राइब हो गया। शाम तीन बजे तक इस आईपीओ को 5.99 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 50 रुपये से लेकर 53 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 283 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 283 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,999 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,987 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 3,679 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,56,10,204 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 60 करोड़ रुपये के 1,13,20,754 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 76 करोड़ रुपये के 1,42,89,450 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए न्यू बेरी कैपिटल्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
हाईटेक इंजीनियर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 11.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 19.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 22.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 141.17 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 166.71 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 193.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.84 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 43.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 29.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह कंपनी का रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 81.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 59.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 80.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 82.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 101.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 122.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 22.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 35.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 41.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक