सब्सक्रिप्शन के लिए खुला हेक्सागॉन न्यूट्रिशन का आईपीओ, 12 जून को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स के निर्माण और विपणन से जुड़ी कंपनी हेक्सागॉन न्यूट्रिशन लिमिटेड का 138.87 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आज निवेशकों के लिए खुल गया। कंपनी के इस इश्यू को शुरुआती घंटों में ही निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और दोपहर 12:15 बजे तक इसे 64 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन प्राप्त हो चुका था।
कंपनी का आईपीओ 9 जून तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। इसके बाद 10 जून को शेयरों का आवंटन (अलॉटमेंट) किया जाएगा, जबकि 11 जून को सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 12 जून को बीएसई और एनएसई पर हो सकती है।
हेक्सागॉन न्यूट्रिशन ने अपने आईपीओ के लिए 42 रुपये से 45 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। इश्यू का लॉट साइज 333 शेयर रखा गया है। इस आधार पर खुदरा निवेशकों (रिटेल इनवेस्टर्स) को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए अधिकतम प्राइस बैंड पर 14,985 रुपये का निवेश आवश्यक होगा। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 4,329 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए 1,94,805 रुपये तक का निवेश करना होगा।
आईपीओ के तहत कंपनी एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,08,59,704 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के माध्यम से जारी कर रही है। इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है। वहीं खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है।
इस सार्वजनिक निर्गम के लिए कम्युलेटिव कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर हेक्सागॉन न्यूट्रिशन ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार दर्ज किया है। कंपनी द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष प्रस्तुत ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 5.82 करोड़ रुपये था। यह बढ़कर वित्त वर्ष 2023-24 में 12.21 करोड़ रुपये और 2024-25 में 24.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर 2025) में ही कंपनी 27.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी थी, जो इसकी मजबूत परिचालन क्षमता को दर्शाता है।
राजस्व के मामले में भी कंपनी ने लगातार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 281.65 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 304.62 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में यह आंकड़ा 331.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 275.57 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
हालांकि, कंपनी के कर्ज में इस दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 51.87 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले दो वर्षों में घटकर 36.89 करोड़ रुपये और फिर 26.60 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि अप्रैल-दिसंबर 2025 की अवधि में कर्ज का स्तर बढ़कर 39.79 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
दूसरी ओर, कंपनी की नेटवर्थ में लगातार सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी की नेटवर्थ 163.84 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 176.29 करोड़ रुपये और 2024-25 में 195.60 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर 223.05 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इसी प्रकार कंपनी के रिजर्व एवं सरप्लस में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 152.30 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 164.51 करोड़ रुपये और 2024-25 में 183.89 करोड़ रुपये हो गया। अप्रैल-दिसंबर 2025 की अवधि में यह बढ़कर 210.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को दर्शाने वाला ईबीआईटीडीए (EBITDA) भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह 17.17 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 24.88 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में ईबीआईटीडीए में तेज उछाल आया और यह 40.07 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में कंपनी का ईबीआईटीडीए 37.55 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी की लाभप्रदता, बढ़ता राजस्व, मजबूत नेटवर्थ और न्यूट्रिशन सेक्टर में बढ़ती मांग इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकती है। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय जोखिमों, मूल्यांकन और अपने निवेश उद्देश्यों का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक