कल खुलेगा फ्यूजन सीएक्स का आईपीओ, 16 अक्टूबर तक लगाई जा सकेगी बोली

 


नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। डिजिटल कस्टमर एक्सपीरियंस और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रदान करने और विभिन्न उद्योगों को तकनीकी सेवाएं देने वाली कंपनी फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड का 702 करोड़ रुपये का आईपीओ कल यानी 14 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 16 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 19 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 21 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे । इसी दिन रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 22 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 275 रुपये से लेकर 289 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 51 शेयर का है। इस आईपीओ में खुदरा निवेशक (रिटेल इंवेस्टर्स) कम से कम एक लॉट यानी 51 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,739 रुपये का न्यूनतम निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर अधिकतम 1,91,607 रुपये के निवेश से 13 लॉट में 663 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,42,90,657 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 500 करोड़ रुपये के 1,73,01,038 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 202 करोड़ रुपये के 69,89,619 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 75 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस पूरे इश्यू के लिए नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 36.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 74.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछलकर 169.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 55.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,021.53 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,352.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 1,851.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 503.85 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 210.61 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 306.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घटकर 266.86 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 238.13 करोड़ रुपये का कर्ज था।

कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड की कुल संपत्ति 768.02 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,143.25 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 1,385.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 1,367.85 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 258.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 345.76 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 547.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 607.01 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 270.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 354.58 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़कर 552.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 610.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 104.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 197.78 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछलकर 329.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 95.09 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक