सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एमिएक टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, पहले दिन मिला 11 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन

 


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। डिजिटल मार्केट सॉल्यूशन का काम करने वाली कंपनी एमिएक टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का 31.75 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में आठ अप्रैल तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद नौ अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 10 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज पहले दिन इस आईपीओ को 11 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल सका है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 93 रुपये से लेकर 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,35,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 32.40 लाख नए शेयर बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 46.67 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.70 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.19 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए स्मार्ट हॉरिजन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्रा.लि. को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 39 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 84 लाख रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 4.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 2.95 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.38 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 14.49 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक बढ़कर 1.30 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 47 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेट वर्थ 9.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 13.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 46 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.30 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 7.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 4.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 60 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.24 करोड़ रुपये और 2024-25 में 5.92 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 6.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक