ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स का आईपीओ लॉन्च, एक अक्टूबर तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 29 सितंबर (हि.स.)। रेजिडेंशियल और कमर्शियल रियल स्टेट प्रोजेक्ट्स की मार्केटिंग के काम में जुटी ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स लिमिटेड का 55.08 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में एक अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद पांच अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि छह अक्टूबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ 37 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 185 रुपये से लेकर 197 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,36,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27.96 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 44 करोड़ रुपये के 22.38 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं, जबकि लगभग 11 करोड़ रुपये के 5.58 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.26 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए खंबाटा सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। शेयर इंडिया सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 12.20 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.91 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.04 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 42.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में जबरदस्त उतार-चढ़ाव हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1.60 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 20 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ जबरदस्त उछाल के साथ 9.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 80.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 195.77 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 243.26 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 8.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.41 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 32.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 17.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक