सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ अथर्व पॉलीप्लास्ट का आईपीओ, 7 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। प्लास्टिक कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी अथर्व पॉलीप्लास्ट लिमिटेड का 27 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में दो जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद तीन जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि छह जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात जुलाई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 2:55 बजे तक ये आईपीओ 89 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 55 रुपये से लेकर 60 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,40,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 45 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.33 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.38 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हॉरिजॉन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं आरके स्टॉक होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
अथर्व पॉलिप्लास्ट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 71 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर दो करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.29 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 4.73 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 46.82 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 43.09 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 49.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 43.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 16.16 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 13.59 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 7.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 10.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 5.72 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.72 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 13.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 17.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रिजर्स एंड सरप्लस अकाउंट 78 लाख रुपये के नुकसान में था। इसके अगले वित्त वर्ष 2023-24 में इस नुकसान की भरपायी कर ली गई, जिससे कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 1.22 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 5.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 4.77 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.05 करोड़ रुपये और 2024-25 में 9.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 5.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक