सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ एडवांस टेक्नोफोर्ज का आईपीओ, 3 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। भारी मशीनरी के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी एडवांस टेक्नोफोर्ज का 24.03 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 29 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 31 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर तीन अगस्त को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के बाद पहले दिन ये आईपीओ 25 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 95 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,28,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 25,29,600 करोड़ नए शेयर बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.12 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए सन कैपिटल एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं जेएसके सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
एडवांस टेक्नोफोर्ज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत नजर आती है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 4.06 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार चढ़ाव भी हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 48.24 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.16 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में फिसल कर 50.73 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी मामूली उतार चढ़ाव हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.19 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 17.51 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ थोड़ा कम होकर 17.29 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.44 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 3.13 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 7.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो इस दौरान इस मोर्चे पर कंपनी ने लगातार बढ़त बनाए रखी। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.56 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 13.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.52 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 8.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक