सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एडॉन एग्रो का आईपीओ, 6 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। ड्राइफ्रूट्स, नट्स, बेरीज और सीड्स के कारोबार में लगी कंपनी एडॉन एग्रो कमोडिटीज लिमिटेड का 44.03 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में एक जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दो जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि तीन जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह जुलाई को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन यह आईपीओ 48 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 66 रुपये से लेकर 70 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,80,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 62.90 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ 1.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.06 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 46.90 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.02 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए गैलेक्टिको कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
एडॉन एग्रो कमोडिटीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को नौ लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 7.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 21.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 22.33 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 72.92 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 103.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 287.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी पर 6.96 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में कर्ज का बोझ घट कर 4.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 10.19 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 26 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 12.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 36.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 16 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1.95 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 9.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 30.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 47 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 2.84 करोड़ रुपये और 2024-25 में 10.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीने में यानी अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ये 31.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक