देश का प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा

 


नई दिल्ली,14 जुलाई (हि.स)। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 13 जुलाई तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें कॉरपोरेट कर संग्रह का अहम योगदान रहा है। इस अवधि में शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 22 फीसदी बढ़कर 2.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11 फीसदी की वृद्धि के साथ 7.73 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।

आयकर विभाग ने मंगलवार को आंकड़ों के जरिये बताया कि गैर-कॉरपोरेट कर (एनसीटी) से राजस्व संग्रह करीब 12 फीसदी बढ़कर 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इस दौरान सरकार ने 1.22 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.57 फीसदी अधिक है। आयकर विभाग के मुताबिक सकल आधार पर प्रत्यक्ष कर संग्रह भी 16.11 फीसदी बढ़कर 7.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें कॉरपोरेट कर से इनकम 3.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक और गैर-कॉरपोरेट कर से करीब 4.12 लाख करोड़ रुपये शामिल हैं।

आयकर विभाग ने कहा कि 13 जुलाई तक चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल प्रत्यक्ष कर (डीटी) संग्रह, रिफंड और शुद्ध प्रत्यक्ष कर (डीटी) संग्रह के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। यह डेटा आयकर विभाग की राष्ट्रीय वेबसाइट पर इस लिंक पर उपलब्ध है। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में 26.97 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15 फीसदी अधिक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर