सम्मान कैपिटल अब आईएचसी समूह की कंपनी बनी, विकास के नए चरण में रखा कदम

 




-सम्मान कैपिटल को हिस्सेदारी बिक्री की पहली किश्त में 5,652 करोड़ रुपये मिले

नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स)। देश की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) सम्मान कैपिटल अब अबू धाबी स्थित आईएचसी समूह की कंपनी बन गई है। सम्मान कैपिटल को आईएचसी समूह से हिस्सेदारी अधिग्रहण की शुरुआती किश्त के तौर पर 5,652 करोड़ रुपये मिले हैं।

कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि सम्मान कैपिटल अब अबू धाबी स्थित कंपनी आईएचसी समूह की कंपनी बन गई है। सम्मान कैपिटल ने कहा कि इक्विटी शेयर और वारंट के अलॉटमेंट के तहत 5,652 करोड़ रुपये (करीब 60 करोड़ डॉलर) की प्रारंभिक राशि मिल चुकी है। इसके अलावा वारंट को इक्विटी शेयर में बदलने पर अगले 18 महीनों में 3,198 करोड़ रुपये (करीब 33.8 करोड़ डॉलर) और मिलेंगे।

देश की टॉप 15 अपर-लेयर एनबीएफसी में शामिल सम्मान कैपिटल में आईएचसी का यह निवेश एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है। इससे कंपनी उन चुनिंदा बड़ी एनबीएफसी में शामिल हो जाएगी, जिन्हें किसी मल्टीनेशनल समूह का समर्थन भी प्राप्त है। इससे कंपनी की स्थिति देश के मजबूत वित्तीय संस्थानों में और सुदृढ़ होगी। कंपनी रणनीतिक प्रमोटर के रूप में आईएचसी कंपनी को मजबूत पूंजी, वैश्विक फंडिंग नेटवर्क और संस्थागत संबंध भी प्रदान करेगा, जिससे सम्मान कैपिटल का वित्तीय लचीलापन बढ़ेगा और विकास को गति मिलेगी।

सम्मान कैपिटल ने जारी एक बयान में कहा कि वह आईएचसी के नए वैश्विक वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म ‘जुडन फाइनेंशियल’ के तहत भारत में उसके वित्तीय सेवा कारोबार का प्रमुख आधार बनेगी। आईएचसी समूह की कंपनी बनने के बाद अब सम्मान कैपिटल संयुक्त अरब अमीरात की मजबूत एए सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग का लाभ उठाकर अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग को बेहतर करने का प्रयास करेगी।

कंपनी ने कहा कि अब केवल मॉर्गेज फाइनेंस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एक विविध एनबीएफसी बनेगी। यह पूरे भारत में अपने बढ़ते ब्रांच नेटवर्क के जरिए मध्यम और निम्न आय वर्ग के ग्राहकों को लक्षित करेगी। कंपनी अब मॉर्गेज के अलावा एमएसएमई लोन (सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड), पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, गोल्ड लोन जैसे उत्पाद को भी उपलब्ध कराएगी।

सम्मान कैपिटल ने कहा कि यह विस्तार कंपनी के संचालन में अनुपालन (कम्प्लायंस) और जोखिम प्रबंधन को केंद्र में रखकर किया जाएगा। आईएचसी से उसको वैश्विक क्षमता और नेटवर्क से कंपनी को डिजिटल और फिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भी मजबूती मिलेगी। साथ ही वैश्विक स्तर के गवर्नेंस मानकों को अपनाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर