वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस का आईपीओ लॉन्च, 11 मई को हो सकती है लिस्टिंग

 


नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। मार्केटिंग और पीआर सॉल्यूशन कंपनी वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस का 41.69 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में छह मई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद सात मई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि आठ मई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 11 मई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर दो बजे तक कंपनी के आईपीओ को तीन प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल सका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 95 रुपये से लेकर 98 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,35,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 42.54 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 35 करोड़ रुपये के 36,15,600 नए शेयर और 4,24,800 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 1.78 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 69.0835 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 29.14 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए हॉरिजॉन मेनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं ऐक्यम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.12 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 7.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 51.34 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 50.80 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 54.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 55.08 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 10.49 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 14.32 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 10.68 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि के बाद कंपनी पर 16.67 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 7.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 11.35 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक ये 23.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 5.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.62 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 11.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 जनवरी 2026 तक ये 14.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक