(अपडेट) विस्कॉन इंडस्ट्रीज की स्टॉक मार्केट में कमजोर शुरुआत, घाटे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। अपने फ्लैगशिप ब्रांड विस्कॉन के तहत एलईडी टीवी, एयर कूलर, वाशिंग मशीन और एयर कंडीशनर जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स का कारोबार करने वाली दिल्ली की कंपनी विस्कॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 204 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 204 रुपये के स्तर पर ही हुई।
लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन गया, जिसके कारण ये ये शेयर फिसल कर 194 रुपये के स्तर तक गिर गया। इस गिरावट के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की हालत में कुछ सुधार भी हुआ। बाजार में दिन भर हुई खरीद बिक्री के बाद ये शेयर 203 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर एक रुपये यानी 0.49 प्रतिशत का नुकसान हो गया।
इस कंपनी का 110 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 29 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.12 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.24 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन पूरी तरह से सब्सक्राइब भी नहीं हो सका था। एनआईआई के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 62 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 65 प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 53,92,200 शेयर जारी किए गए हैं। इसके तहत 88.01 करोड़ रुपये मूल्य के 43,14,000 नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि कंपनी के प्रमोटर सिद्धांत डालमिया द्वारा 22 करोड़ रुपये मूल्य के 10,78,200 शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए की गई है। इस आईपीओ के तहत नए शेयरों की बिक्री से जुटाई गई राशि में से 15.04 करोड़ रुपये का निवेश कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डब्ल्यूओएस डालमिया टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में करेगी, ताकि वहां प्लांट और मशीनरी की खरीद के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर किया जा सके। इसके अलावा 35 करोड़ रुपये सहायक कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, 17 करोड़ रुपये स्वयं कंपनी की खुद की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, 5.23 करोड़ रुपये मार्केटिंग और प्रमोशनल एक्टिविटीज के लिए और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों व आईपीओ के लिए हुए खर्चों की भरपाई करने के लिए उपयोग की जाएगी।
विस्कॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा और इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी को कुल 20.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 7.89 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी और अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। विस्कॉन का ऑपरेशनल रेवेन्यू जहां वित्त वर्ष 2023-24 में महज 3.21 करोड़ रुपये था, वहीं यह अगले वित्त वर्ष 2024-25 में तेजी से बढ़कर 14.49 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी को 197.13 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 69.85 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर कुल 25.26 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून के अंत तक बढ़कर 36.97 करोड़ रुपये के स्तर पर दर्ज किया गया था। कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान लगातार मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 90.75 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक और बढ़कर 144.79 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी अच्छी स्थिति बनाई है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 25.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक मामूली बदलाव के साथ 22.82 करोड़ रुपये के स्तर पर बना हुआ था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 30.61 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक और बढ़कर 38.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2025-26 में 28.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक 11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक