स्टॉक मार्केट में तेजा इंजीनियरिंग की धांसू शुरुआत, पहले दिन ही लगभग डबल हुआ निवेशकों का पैसा

 


नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। ऑयल एंड गैस सेक्टर के लिए सर्विस देने वाली कंपनी तेजा इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने जबरदस्त मुनाफे के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को गदगद कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 220 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 418 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही उछल कर 438.90 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 218.90 रुपये यानी 99.50 प्रतिशत का फायदा हो गया।

कंपनी का 37.39 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 जून से दो जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.37 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.81 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.32 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 16.98 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं।

तेजा इंजीनियरिंग की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.16 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.02 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को चार करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 24.58 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 31.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 55.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 54.32 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.74 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.09 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 12.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 17.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 3.80 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.65 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 12.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 16.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 2.23 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 7.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 11.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.74 करोड़ रुपये और 2024-25 में 6.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 7.07 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक