एसएस रिटेल की स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री, आईपीओ निवेशकों को बंपर मुनाफा
नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। मोबाइल फोन, एक्सेसरीज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री करने वाली प्रमुख मल्टी ब्रांड रिटेल चेन एसएस रिटेल लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को बंपर मुनाफा करा दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 424 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 50.73 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 639.10 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 47.17 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 624 रुपये के स्तर पर हुई।
प्रीमियम लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इस शेयर की चाल में गिरावट आ गई। बिकवाली के दबाव में ये शेयर लुढ़क कर 603 रुपये के स्तर तक चला गया। हालांकि बाद में खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया, जिससे इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। बाजार में लगातार जारी खरीदी बिक्री के बीच सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 630.30 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 206.30 रुपये यानी 48.66 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 500 करोड़ रुपये का आईपीओ 16 से 18 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 107.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 214.22 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 150.33 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 35.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,18,10,182 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 360 करोड़ रुपये के 85,08,298 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 140 करोड़ रुपये के 33,01,884 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने नए स्टोर्स के सेटअप में फिटआउट्स लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
एसएस रिटेल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 26.65 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 39.86 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 59.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,208.04 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,599.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,352.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 110.43 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 125.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 162.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 101.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 141.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 225.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 88.52 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और बढ़ कर 128.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस शानदार बढ़त के साथ 159.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 56.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 80.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 125.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक