श्रीधर स्पिनर्स की स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री, फायदे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। कॉटन यार्न मैन्युफैक्चरिंग कंपनी श्रीधर स्पिनर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। हालांकि लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से कंपनी के आईपीओ निवेशक खुश हो गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 53 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 2.64 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 54.40 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर 57.10 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों प्रति शेयर 4.10 रुपये यानी 7.74 प्रतिशत का फायदा हो गया।
श्रीधर स्पिनर्स का 30.68 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 6.70 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 14.58 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 57.88 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नई मशीनरी खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
श्रीधर स्पिनर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को 6.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 126.35 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 134.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी को 146.55 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 62.11 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 65.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 115.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का नेटवर्थ 29.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.34 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 14.11 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2023-24 में ये 13.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 13.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 17.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक