शेल्ज इंडिया ने निवेशकों को किया निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हग्स और टोस्का ब्रांड के तहत कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट्स और कई तरह के बेकरी इंग्रीडिएंट्स का प्रोडक्शन तथा मार्केटिंग करने वाली कंपनी शेल्ज इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज शेयर बाजार में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 179 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 179 रुपये के स्तर पर ही हुई।
फ्लैट लिस्टिंग से निराश निवेशकों को तब और झटका लगा, जब ये शेयर लुढ़कर कर 170.05 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 8.95 रुपये यानी 5 प्रतिशत का नुकसान हो गया। इस आईपीओ के तहत एक लॉट 1,600 शेयर का था। इस तरह आईपीओ निवेशकों को पहले दिन ही इस शेयर ने 14,320 रुपये तक का नुकसान करा दिया।
इस कंपनी का 59.97 करोड़ रुपये का आईपीओ 15 से 19 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 41.14 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 41.77 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 86.72 गुना का भारी सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन भी 55.52 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 33,50,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। यह पूरा आईपीओ 100 प्रतिशत फ्रेश इश्यू के रूप में लाया गया था, जिसके जरिये कंपनी ने कुल 59.97 करोड़ रुपये की नई पूंजी जुटाई है। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी मुख्य रूप से अपने कुछ पुराने कर्जों को चुकाने, वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ लाने में हुए खर्च की भरपाई करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
शेल्ज इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान लगातार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5.25 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 8.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 61 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाकर 13.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 4.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 162.81 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 187.39 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में 3 प्रतिशत का और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 193.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 47.43 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 70.93 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 78.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और बढ़कर 100.83 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 108.56 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस अवधि के दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में शेल्ज इंडिया लिमिटेड की कुल संपत्ति 147.04 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 167.36 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति और मजबूत बढ़त के साथ 213.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 229.36 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूत बढ़त दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 26.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 39.89 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 50.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 54.31 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 26.99 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 40.58 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़कर 58.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ और सुधरकर 63.03 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार साल-दर-साल मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 18.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 22.79 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 30.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 8.52 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक