स्टॉक मार्केट में संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स की मजबूत शुरुआत, लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

 


नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। एंड टू एंड लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मजबूती के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 84 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 5.95 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 89 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर कुछ देर में ही उछल कर 93.45 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 9.45 रुपये यानी 11.25 प्रतिशत का फायदा हो गया।

कंपनी का 27.22 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 से दो जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 4.95 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.55 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 10.11 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 4.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 32.40 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

संपर्क इंडिया लॉजिस्टिक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.28 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.37 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 6.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 188.18 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 182.63 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में छलांग लगा कर 201.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 153.24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 25.76 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 33.39 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 33.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 39.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 22.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 28.85 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 37.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 43.93 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 19.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 25.84 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 28.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 34.91 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 8.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 12.01 करोड़ रुपये और 2024-25 में 16.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 12.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक