रक्सन ट्रांसफॉर्मर्स की स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री, शुरुआती गिरावट के बाद लिवाली के सपोर्ट मजबूत हुए शेयर

 


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। इलेक्ट्रिक ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी रक्सन ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को शुरुआती झटका दे दिया। हालांकि, लिस्टिंग के बाद खरीदारी का सपोर्ट मिलने पर यह शेयर मुनाफे की स्थिति में आ गया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 273 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढाव के 273 रुपये के स्तर पर ही हुई।

फ्लैट लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर लुढ़क कर 261.30 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी। लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही रिकवरी कर हरे निशान में पहुंच गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 1:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 285.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12.90 रुपये यानी 4.73 प्रतिशत का फायदा हो गया है।

इस कंपनी का 150.50 करोड़ रुपये का आईपीओ 10 से 15 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 33.55 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 29.01 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 60.53 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 28.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 55,12,800 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 121 करोड़ रुपये के 44,12,800 नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग 30 करोड़ रुपये के 11 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी हरियाणा के सोनीपत में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

रक्सन ट्रांसफॉर्मर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.59 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 20.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 33.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 162.52 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 324.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 363.63 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 9.81 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 23.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 20.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 23.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 44.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 77.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार सफलता मिलती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 22.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 43.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़त के साथ 60.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 10.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 29.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 46.72 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक