स्टॉक मार्केट में राजनंदिनी फैशन ने निवेशकों को किया निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद आई गिरावट

 


नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। महिलाओं के लिए डिजाइनर कपड़े का प्रोडक्शन और मार्केटिंग करने वाली कंपनी राजनंदिनी फैशन इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 63 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 63 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का सपोर्ट मिलने पर ये शेयर उछल कर 64 रुपये के स्तर तक पहुंचा, लेकिन उसके बाद बिकवाली का दबाव बन जाने पर ये 60.15 रुपये के स्तर तक गिर भी गया। दोपहर 12:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 61 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर दो रुपये यानी 3.17 प्रतिशत का नुकसान हो चुका है।

राजनंदिनी फैशन इंडिया लिमिटेड का 18.21 करोड़ रुपये का आईपीओ 26 से 29 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 203.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 122.04 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 393.63 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 168.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 28.90 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

राजनंदिनी फैशन इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 37 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.29 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 5.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 28.02 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 23.60 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 31.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 31.22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.19 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.01 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 13.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.24 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 9.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 14.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.02 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 9.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 6.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 3.79 करोड़ रुपये और 2024-25 में 7.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 7.11 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक