स्टॉक मार्केट में ओम पावर ट्रांसमिशन की मजबूत शुरुआत, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनी ओम पावर ट्रांसमिशन के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 175 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 3.5 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 181.10 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर छह प्रतिशत प्रीमियम के साथ 186 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से थोड़ी ही देर में कंपनी के शेयर बीएसई पर 190.15 रुपये और एनएसई पर 195.30 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। हालांकि कुछ देर बाद ही मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण अपर सर्किट ब्रेक हो गया। सुबह 10:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर 189 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक आठ प्रतिशत के फायदे में थे।
ओम पावर ट्रांसमिशन का 150.06 करोड़ रुपये का आईपीओ नौ से 13 अप्रैल के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.65 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 7.06 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.54 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 150.06 करोड़ रुपये के कुल 85.759 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 133 करोड़ रुपये के 75.75 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 10 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी इक्वीपमेंट्स और मशीनरी खरीदने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ओम पावर ट्रांसमिशन की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 6.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.41 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 22.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 23.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 121.71 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 184.39 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 281.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 276.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 25.57 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 26.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 18.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 38.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 43.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 50.64 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 72.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 119.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 42.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 50.04 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 72.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 93.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में 11.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 14.47 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 35.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 34.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक