ओम गैलेक्सी ने आईपीओ निवेशकों को किया निराश, सांकेतिक बढ़त के साथ एंट्री के बाद शेयर के भाव में आई गिरावट

 


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। पाइप फिटिंग, इंडस्ट्रियल मोल्ड और ऑटोमोटिव मोल्ड बनाने वाली कंपनी ओम गैलेक्सी लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने सांकेतिक बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 90 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 0.22 प्रतिशत के सांकेतिक प्रीमियम के साथ 90.20 रुपये के स्तर पर हुई।

लगभग सपाट स्तर पर हुई इस लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर लुढ़क कर 85.75 रुपये के स्तर तक आ गया। इसके बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिसके कारण कंपनी के शेयरों के भाव में सुधार होने लगा। दोपहर 1:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 90 रुपये के स्तर पर बने हुए थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों कोई न तो कोई नुकसान था और न ही कोई फायदा।

कंपनी का 105 करोड़ रुपये का आईपीओ 10 से 15 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.84 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.07 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.61 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले 1,16,67,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सेटअप करने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

ओम गैलेक्सी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 12.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 16.64 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 105.12 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 113.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 124.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 32.07 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 25.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 37.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 49.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 66.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 80.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार सफलता मिलती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 47.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 62.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़त के साथ 69.80 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 24.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 29.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 32.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक